अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), मेरठ प्रांत के कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिवस के अवसर पर मां भारती के क्रांतिकारी वीर सपूतों शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जानकारी हो कि भारत को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए इन वीर सपूतों ने 23 मार्च 1931 को हंसते-हसंते अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इन अमर बलिदानियों की याद में प्रत्येक वर्ष 23 मार्च को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
अभाविप ने कहा कि अभाविप कार्यकर्ताओं के लिए बलिदान दिवस केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, साहस और त्याग की भावना को जीवित रखने का प्रतीक है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि आज हम जो स्वतंत्रता और शांति महसूस कर रहे हैं, वह लाखों क्रांतिकारियों के बलिदान का परिणाम है। भारत का इतिहास वीरता, संघर्ष और बलिदान की गाथाओं से भरा हुआ है। अनेक क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। बलिदान दिवस भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु एवं उन क्रांतिकारियो को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक अवसर है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
प्रांत के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में अभाविप ने क्रांतिकारियों के सपनों का भारत को बनाने के लिए युवाओं को आगे आने की अपील की। अभाविप ने कहा कि बलिदान दिवस यह याद दिलाता है कि जब तक देश के प्रति निस्वार्थ प्रेम और समर्पण रहेगा, भारत अजेय रहेगा। विद्यार्थी परिषद लंबे समय से युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करते हुए उन्हीं विचारों के साथ आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने क्रांतिकारियों के विचारों को आत्मसात करने का वचन दिया।