दिल्ली के सत्य निकेतन में जर्जर पीजी भवन के ढहने से विद्यार्थियों की हुई मृत्यु पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ता काफी आक्रोशित है, अभाविप ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई एवं दिल्ली नगर निगम( एमसीडी) आयुक्त को तुरंत प्रभाव से इस्तीफे देने की मांग की है।
अभाविप ने हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह घटना दिल्ली में विद्यार्थी आवासों की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी की गंभीर विफलता को उजागर करती है। घटना के तुरंत बाद से ही अभाविप के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन तथा अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। अभाविप दिवंगत विद्यार्थियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है।
दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई
घटना की जानकारी के बाद अभाविप कार्यकर्ताओं ने एमसीडी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर प्रशासन की जवाबदेही तय करने, एमसीडी आयुक्त के इस्तीफे तथा प्रकरण में संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत आपराधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, जिसमें डूसू अध्यक्ष आर्यन मान सहित कई अभाविप कार्यकर्ता घायल हुए तथा 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। अभाविप मांग करती है कि घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। मकानमालिक, बिल्डर एवं ठेकेदार द्वारा किए गए निर्माण कार्यों की जांच के साथ यह भी स्पष्ट किया जाए कि मौजूदा भवन के नीचे बेसमेंट की खुदाई की अनुमति किसने दी, पीजी संचालन की अनुमति किस आधार पर दी गई और संबंधित एमसीडी अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। अभाविप ने पूर्व में भी ज्ञापन के माध्यम से दिल्ली में अवैध रूप से संचालित विद्यार्थी आवासों एवं पीजी की सुरक्षा व्यवस्था तथा नियमों के उल्लंघन का विषय संबंधित प्रशासन के समक्ष उठाया है। इसके बावजूद यदि ऐसे भवन बिना पर्याप्त सुरक्षा जांच और निगरानी के संचालित होते रहे, तो यह प्रशासन की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।
सभी पीजी का हो संरचनात्मक ऑडिट, मृतकों के परिजनों को मिले मुआवजा
अभाविप मांग करती है कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए तथा एमसीडी आयुक्त तत्काल इस्तीफा दें। साथ ही, दिल्ली के सभी पीजी एवं निजी हॉस्टलों का समयबद्ध संरचनात्मक एवं अग्नि सुरक्षा ऑडिट, अनिवार्य पंजीकरण तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रभावित विद्यार्थियों को तत्काल सुरक्षित आवास, घायलों को समुचित उपचार एवं सहायता तथा मृत विद्यार्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। दिल्ली के शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त एवं सुरक्षित छात्रावासों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं।
घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं अभाविप कार्यकर्ता
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना बेहद दुखद है और इसने कई परिवारों को ऐसी पीड़ा दी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। अभाविप के कार्यकर्ता घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। लेकिन राहत के साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए। यह स्पष्ट होना जरूरी है कि हादसा कैसे हुआ और इसे समय रहते रोका क्यों नहीं गया। यदि भवन में अवैध या जोखिमपूर्ण निर्माण हो रहा था, तो उसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी और विद्यार्थियों के रहने की अनुमति किस आधार पर दी गई? इन सभी सवालों के जवाब और जिम्मेदार लोगों की पहचान जरूरी है। जांच केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए। जो भी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध बिना किसी दबाव के कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। विद्यार्थियों की सुरक्षा के मामले में प्रशासन की लापरवाही को अभाविप किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। अभाविप के कार्यकर्ता घटना के बाद से ही यथासंभव सहायता में जुटे हैं। साथ ही, साउथ कैंपस में प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है और जब तक उचित कार्रवाई नहीं होती, यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
