अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उम्मीदवार अंकित बिधान ने पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर 3143 मत प्राप्त करके 506 वोट से शानदार जीत दर्ज कर ली की। अभाविप को यह जीत लगातार दूसरी बार मिली है।
अभाविप ने लगातार दूसरी बार भरोसा जताने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया है। अभाविप ने कहा है कि यह केवल एक चुनावी जीत नहीं, यह उन हजारों विद्यार्थियों के विश्वास की जीत है, जिन्होंने चुनाव के दौरान फैलाए गए भ्रम, झूठे प्रचार और नकारात्मक नैरेटिव के बजाय अपने अनुभव और अपने विवेक पर भरोसा किया।
जानकारी हो कि विद्यार्थी परिषद ने लगातार दूसरी बार छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है पिछले वर्ष पंजाब विश्वविद्यालय में अभाविप के गौरववीर सोहेल ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। अभाविप ने कहा है कि छात्रों ने आज दुबारा यह स्पष्ट कर दिया कि पंजाब विश्वविद्यालय की राजनीति में डर, दबाव, झूठ और शोर से ज्यादा छात्रहितों ले लिए किए गए कार्यो को प्राथमिकता दी जाएगी।
अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री डा. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, “इस जनादेश को सबसे पहले उस विश्वास के रूप में देखा जाना चाहिए जो पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अभाविप के साथ व्यक्त किया है। छात्रसंघ में पिछले वर्ष अध्यक्ष पद पर रहते हुए हमने छात्रहितों से जुड़े जिन मुद्दों को उठाया, जिन समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष किया और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की आवाज को जिस तरह प्रशासन तक पहुंचाया, उस काम का मूल्यांकन आज छात्रों ने अपने वोट के माध्यम से किया है। यह परिणाम उन लोगों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है जिन्होंने चुनाव के दौरान अभाविप के खिलाफ लगातार एक विशेष वातावरण बनाने का प्रयास किया। अलग-अलग माध्यमों से भय, भ्रम और दुष्प्रचार को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश हुई, लेकिन पंजाब विश्वविद्यालय की Gen Z ने इन सबको स्वीकार नहीं किया। यह चुनाव केवल अभाविप के पक्ष में आया जनादेश नहीं है, बल्कि उस धारणा का भी जवाब है कि आज की युवा पीढ़ी राष्ट्रवादी विचारों या अभाविप से स्वाभाविक रूप से दूर है। पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने इस सोच को अपने वोट से खारिज किया है। उन्होंने यह बता दिया है कि Gen Z को राष्ट्रवाद से नहीं नकारात्मकता से समस्या है।नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकित बिधान के नेतृत्व में अभाविप पंजाब विश्वविद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में हमारा ध्यान व्यक्तिगत राजनीति, आरोप-प्रत्यारोप और सस्ती बयानबाजी पर नहीं, बल्कि छात्रों के वास्तविक मुद्दों, बेहतर सुविधाओं, स्वच्छ एवं सुरक्षित कैंपस, पारदर्शी प्रशासन और एक बेहतर पंजाब विश्वविद्यालय के निर्माण पर रहेगा। यह जीत अंत नहीं, जिम्मेदारी की शुरुआत है।”
