भोपाल : मध्य प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने उनके मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की घोषणा की है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने एमबीबीएस इंटर्न्स का स्टाइपेंड ₹14,337 से बढ़ाकर ₹21,500 प्रतिमाह करने की अधिकृत घोषणा की। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) पिछले दो माह से चरणबद्ध आंदोलन चला रही थी। अभाविप ने सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के सभी एमबीबीएस इंटर्न्स और छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत बताया है।
इंटर्न डॉक्टरों की वर्तमान आवश्यकताओं और उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अभाविप ने आंदोलन की शुरुआत की थी। एक अगस्त को अभाविप के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर मांग सरकार के समक्ष रखी। इसके बाद चार अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के पास पॉलिटेक्निक चौराहे पर मानव शृंखला बनाकर सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के अगले चरण में प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। वहीं, अभाविप के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात कर छात्र हित में मांग पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
बुधवार को अभाविप पदाधिकारियों के साथ जेडीए और एमटीए के पदाधिकारियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की। इसके बाद सरकार की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने की घोषणा की गई। अभाविप ने इसे अपने दो माह लंबे चरणबद्ध आंदोलन की सार्थक परिणीति बताया।
प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के मामले में भी कार्रवाई
अभाविप ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग के मामले में पुलिस प्रशासन के दो अधिकारियों को लाइन अटैच किए जाने की कार्रवाई का भी स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ बल प्रयोग उचित नहीं है और इस मामले में सरकार की कार्रवाई सराहनीय है।

‘छात्रों की मांगों को लेकर पहले दिन से प्रतिबद्ध’
अभाविप के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि संगठन पहले दिन से ही छात्रों की न्यायोचित मांगों को लेकर प्रतिबद्ध रहा है। एमबीबीएस इंटर्न्स के स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर पिछले दो माह से चरणबद्ध आंदोलन चलाया गया। बुधवार को उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री से अभाविप, जेडीए और एमटीए के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात हुई, जिसके बाद छात्रों की मांग पूरी करने की दिशा में निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग को लेकर भी अभाविप ने कार्रवाई की मांग की थी। सरकार की ओर से प्रथम दृष्टया दो पुलिस अधिकारियों को लाइन अटैच किया गया है। यह कार्रवाई भी स्वागत योग्य है।

‘दो माह के आंदोलन की सार्थक परिणीति’
मेडिविजन के प्रांत संयोजक आयुष पाराशर ने कहा कि एमबीबीएस इंटर्न्स का स्टाइपेंड ₹14,337 से बढ़ाकर ₹21,500 किया जाना पिछले दो माह से चल रहे आंदोलन की सार्थक परिणीति है। उन्होंने कहा कि इंटर्न्स के स्टाइपेंड में वृद्धि के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग के मामले में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर की गई कार्रवाई भी सराहनीय है। यह निर्णय छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम है।
