Wednesday, September 9, 2026
No Result
View All Result
Rashtriya Chhatra Shakti
  • मुख पृष्ठ
  • कवर स्टोरी
  • ABVP विशेष
    • आंदोलनात्मक
    • प्रतिनिधित्वात्मक
    • रचनात्मक
    • संगठनात्मक
    • सृजनात्मक
  • लेख
  • पत्रिका
  • सब्सक्रिप्शन
  • आयाम
    • Think India
    • WOSY
    • Jignasa
    • SHODH
    • SFS
    • Student Experience Interstate Living (SEIL)
    • FarmaVision
    • MediVision
    • Student for Development (SFD)
    • AgriVision
  • WORK
    • Girls
    • State University Works
    • Central University Works
    • Private University Work
  • खबर
  • परिचर्चा
  • फोटो
Rashtriya Chhatra Shakti
  • मुख पृष्ठ
  • कवर स्टोरी
  • ABVP विशेष
    • आंदोलनात्मक
    • प्रतिनिधित्वात्मक
    • रचनात्मक
    • संगठनात्मक
    • सृजनात्मक
  • लेख
  • पत्रिका
  • सब्सक्रिप्शन
  • आयाम
    • Think India
    • WOSY
    • Jignasa
    • SHODH
    • SFS
    • Student Experience Interstate Living (SEIL)
    • FarmaVision
    • MediVision
    • Student for Development (SFD)
    • AgriVision
  • WORK
    • Girls
    • State University Works
    • Central University Works
    • Private University Work
  • खबर
  • परिचर्चा
  • फोटो
No Result
View All Result
Rashtriya Chhatra Shakti
No Result
View All Result
Home खबर

राजनीतिक रसूख के आगे महिला सुरक्षा के दावे बेअसर? जेएनयू में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर अभाविप का हल्लाबोल

अजीत कुमार सिंह by अजीत कुमार सिंह
September 9, 2026
in खबर

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक प्राध्यापक के विरुद्ध कई छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने विश्वविद्यालय प्रशासन और जेएनयू की इंटरनल कमेटी (IC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अभाविप ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार आरोपी प्राध्यापक प्रो. बिमोल अकोइजम कांग्रेस सांसद हैं। छात्राओं द्वारा मामले को जेएनयू की इंटरनल कमेटी के समक्ष रखा गया है और मामले में प्रक्रिया चल रही है। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई न होने के विरोध में अभाविप जेएनयू इकाई ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया तथा जेएनयू IC और आरोपी कांग्रेसी प्राध्यापक का पुतला दहन कर अपना आक्रोश दर्ज कराया।
अभाविप ने कहा कि यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों के मामलों में शिकायतों की निष्पक्ष, संवेदनशील और समयबद्ध सुनवाई अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में प्रक्रिया में हो रही देरी विश्वविद्यालय प्रशासन और जेएनयू IC की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। अभाविप ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक दबाव की संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अभाविप ने सवाल उठाया कि क्या आरोपी प्राध्यापक कांग्रेस का सांसद है, इसलिए उस पर कार्रवाई नहीं हो रही है? क्या वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने दे रहा है? यदि किसी व्यक्ति, संगठन अथवा राजनीतिक प्रभाव के कारण शिकायतों की जांच प्रभावित हो रही है या सुनवाई में अनावश्यक देरी की जा रही है, तो यह अत्यंत गंभीर और दुखद विषय है।
अभाविप जेएनयू ने इंटरनल कमेटी में वामपंथी संगठनों के प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। अभाविप का आरोप है कि महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की बात करने वाले वामपंथी संगठनों के प्रतिनिधि इतने गंभीर मामले में भी प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। अभाविप ने आरोप लगाया कि IC में विद्यार्थियों द्वारा चुने गए वामपंथी संगठनों के प्रतिनिधि राजनीतिक दबाव के कारण मामले की सुनवाई में देरी कर रहे हैं और इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।
अभाविप ने कहा कि यह स्थिति उन संगठनों के कथित दोहरे चरित्र को उजागर करती है, जो सार्वजनिक रूप से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन जब उनके प्रभाव क्षेत्र से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगते हैं तो उनकी भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। अभाविप ने आरोप लगाया कि वामपंथी संगठनों से जुड़े कई कार्यकर्ता महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपी होने के बावजूद बाहर घूम रहे हैं।
अभाविप जेएनयू के अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा, “जेएनयू में एक प्राध्यापक पर छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर राजनीतिक संरक्षण के कारण कार्रवाई न होना वामपंथी जेएनयू IC और वामपंथी संगठनों के असली चेहरे को दिखाता है। यही इनका वास्तविक चरित्र है। इनके अपने कई कैडर—प्रसन्नाराज से लेकर अकबर चौधरी तक—और भी एक लंबी यौन उत्पीड़न के घृणित कृत्य करने वालों की सूची है। ऐसे में इन वामपंथी IC प्रतिनिधियों से किसी भी तरह की त्वरित सुनवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।”
अभाविप जेएनयू मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा, “वामपंथी संगठनों के जो कैडर जेएनयू IC में चुनकर बैठे हैं, वे कुछ भी करने में असमर्थ हैं। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। कुछ दिन पूर्व आइसा के एक कैडर पर यौन उत्पीड़न की शिकायत हुई, लेकिन उस पूरे मामले की सुनवाई के दौरान वामपंथी संगठनों के प्रतिनिधि, जो IC में चुनकर गए हैं, कभी किसी सुनवाई में नहीं गए। यह महिलाओं के प्रति उनकी संवेदनहीनता और उनके असली चरित्र को दिखाता है।”
अभाविप ने जेएनयू प्रशासन और इंटरनल कमेटी से मांग की कि छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव अथवा प्रभाव को जांच की प्रक्रिया में बाधा न बनने दिया जाए। अभाविप ने स्पष्ट किया कि छात्राओं को न्याय मिलने तक वह इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।

 

No Result
View All Result

Archives

Recent Posts

  • 11 छात्राओं के शोषण के आरोपों के मामले में कांग्रेस सांसद एवं जेएनयू प्रोफेसर को बर्खास्त करने की मांग, अभाविप ने किया प्रदर्शन
  • ABVP Launches PG Outreach Drive After Satya Niketan Tragedy, Begins Citywide Safety Audit
  • राजनीतिक रसूख के आगे महिला सुरक्षा के दावे बेअसर? जेएनयू में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर अभाविप का हल्लाबोल
  • सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि, अभाविप ने साउथ कैंपस में निकाला कैंडल मार्च
  • ABVP Launches ‘No More Satya Niketan’ Website to Help Students Check PG Safety, Report Unsafe Buildings

rashtriya chhatrashakti

About ChhatraShakti

  • About Us
  • संपादक मंडल
  • राष्ट्रीय अधिवेशन
  • कवर स्टोरी
  • प्रस्ताव
  • खबर
  • परिचर्चा
  • फोटो

Our Work

  • Girls
  • State University Works
  • Central University Works
  • Private University Work

आयाम

  • Think India
  • WOSY
  • Jignasa
  • SHODH
  • SFS
  • Student Experience Interstate Living (SEIL)
  • FarmVision
  • MediVision
  • Student for Development (SFD)
  • AgriVision

ABVP विशेष

  • आंदोलनात्मक
  • प्रतिनिधित्वात्मक
  • रचनात्मक
  • संगठनात्मक
  • सृजनात्मक

अभाविप सार

  • ABVP
  • ABVP Voice
  • अभाविप
  • DUSU
  • JNU
  • RSS
  • विद्यार्थी परिषद

Privacy Policy | Terms & Conditions

Copyright © 2025 Chhatrashakti. All Rights Reserved.

Connect with us:

Facebook X-twitter Instagram Youtube
No Result
View All Result
  • मुख पृष्ठ
  • कवर स्टोरी
  • ABVP विशेष
    • आंदोलनात्मक
    • प्रतिनिधित्वात्मक
    • रचनात्मक
    • संगठनात्मक
    • सृजनात्मक
  • लेख
  • पत्रिका
  • सब्सक्रिप्शन
  • आयाम
    • Think India
    • WOSY
    • Jignasa
    • SHODH
    • SFS
    • Student Experience Interstate Living (SEIL)
    • FarmaVision
    • MediVision
    • Student for Development (SFD)
    • AgriVision
  • WORK
    • Girls
    • State University Works
    • Central University Works
    • Private University Work
  • खबर
  • परिचर्चा
  • फोटो

© 2025 Chhatra Shakti| All Rights Reserved.