नई दिल्ली। सत्य निकेतन की घटना को लेकर कांग्रेस-एनएसयूआई पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अब 10 हजार विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित छात्रावास निर्माण पर सवाल उठाए जाने का विरोध किया है। अभाविप ने कहा कि छात्रावासों की कमी को लेकर कांग्रेस-एनएसयूआई पहले भी सवाल उठाती रही है, लेकिन विद्यार्थियों की मांग पर छात्रावास निर्माण की घोषणा होने के बाद उसी पर प्रश्नचिह्न लगाना उसके विरोधाभासी रवैये को दर्शाता है।
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना के समय मलबे पर हथौड़ा चलाकर रील बनाने से लेकर अब छात्रावास निर्माण की घोषणा पर सवाल उठाने तक कांग्रेस-एनएसयूआई विद्यार्थियों की समस्याओं पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि जब छात्रावासों की कमी का मुद्दा उठाया जा रहा था, तब कांग्रेस-एनएसयूआई इसे लेकर राजनीति कर रही थी और अब समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सार्थक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस-एनएसयूआई को स्पष्ट करना चाहिए कि वह विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान चाहती है या इन मुद्दों को राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस-एनएसयूआई को यह भी बताना चाहिए कि उस दौरान विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और सुलभ छात्रावास उपलब्ध कराने की दिशा में क्या कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के आवास का विषय गंभीर है और इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाने के बजाय समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए। अभाविप लंबे समय से छात्रावासों की संख्या बढ़ाने और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सुलभ आवास उपलब्ध कराने की मांग करती रही है।
