भुवनेश्वर। पंजाब विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, मंगलुरु, उत्तराखंड के विभिन्न महाविद्यालय-विश्वविद्यालय समेत अन्य शैक्षिक परिसरों में जीत के बाद अब ओडिशा के छात्रसंघ चुनावों में भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने शानदार जीत हासिल की है। ओडिशा के विभिन्न शैक्षिक परिसरों में संपन्न छात्रसंघ चुनावों के परिणामों में अभाविप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 346 महाविद्यालयों में विभिन्न प्रमुख पदों पर जीत हासिल की। वहीं राज्य के 13 विश्वविद्यालयों में से नौ में अभाविप ने सभी प्रमुख पदों पर जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप किया।
अभाविप ने ओडिशा के 346 महाविद्यालयों में अध्यक्ष पद पर 208, उपाध्यक्ष पद पर 214, महासचिव पद पर 221 और सहायक महासचिव पद पर 199 जीत दर्ज की। अभाविप ने इस विशाल जीत के लिए छात्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी आकांक्षाओं पर खरा उतरने की बात कही है।
सात वर्षों के संघर्ष के बाद बहाल हुए छात्रसंघ चुनाव
ओडिशा में छात्रसंघ चुनावों की बहाली के लिए अभाविप लगातार संघर्षरत थी। पिछले सात वर्षों से चुनाव कराने की मांग को लेकर परिषद द्वारा अभियान और आंदोलन चलाया जा रहा था। अभाविप के बढ़ते आंदोलन एवं निरंतर प्रयासों के बाद राज्य सरकार ने छासंघ चुनाव कराने की घोषणा की, जिसमें छात्रों ने अभाविप के संघर्षों पर मुहर लगाया है।
उत्कल विश्वविद्यालय समेत नौ विश्वविद्यालयों में जीत
राज्य के प्रतिष्ठित उत्कल विश्वविद्यालय में अभाविप के पूरे पैनल ने जीत दर्ज की। साथ ही, बेरहामपुर विश्वविद्यालय, गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय, संबलपुर विश्वविद्यालय, मां माणिकेश्वरी विश्वविद्यालय और धरनीधर विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों में भी अभाविप ने जीत का परचम लहराया है। संपन्न छात्रसंघ चुनावों में विश्वविद्यालयों के साथ-साथ महाविद्यालयों में भी अभाविप ने शानदार जीत हासिल की है। रारुआन, रायगड़ा, रायरंगपुर, कटक, खुर्दा, जगतसिंहपुर, तालचेर, अंगुल महिला महाविद्यालय, झारसुगुड़ा, बौध, बालासोर और क्योंझर सहित कई क्षेत्रों में अभाविप ने जीत दर्ज की।
‘अमृत पीढ़ी की राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है जीत’
अभाविप की प्रदेश मंत्री दीप्तिमयी प्रतिहारी ने जीत को ऐतिहासिक बताते हुए अमृत पीढ़ी की राष्ट्रीय चेतना का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से स्पष्ट होता है कि युवा पीढ़ी अभाविप की राष्ट्रवादी विचारधारा और छात्र हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ खड़ी है। उन्होंने अभाविप पर विश्वास जताने वाले विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को बधाई दी।
अभाविप ने आशा व्यक्त की कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे और महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सुविधाओं, छात्र हितों तथा बेहतर व्यवस्थाओं के लिए प्रभावी भूमिका निभाएंगे। अभाविप के अनुसार, छात्रसंघ चुनावों में मिली यह सफलता केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि छात्र नेतृत्व को मजबूत करने और प्रदेश के शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
