अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय, कोटा में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर परिसर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिमा के अत्यधिक जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण होने के कारण वह अचानक क्षतिग्रस्त हो गई, जिसपर उपस्थित विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने गहरी पीड़ा व्यक्त की। अभाविप स्वामी विवेकानंद जी को युवाओं का प्रेरणास्रोत मानती हैं तथा अभाविप उनके विचारों के आलोक में राष्ट्र पुनर्निर्माण के ध्येय को लेकर पिछले सात दशकों से भी अधिक समय से राष्ट्र तथा विद्यार्थी हित में कार्यरत है। ऐसे में कांग्रेस पोषित एनएसयूआई द्वारा ऐसे संवेदनशील विषय को राजनैतिक स्वरूप देना व परिसर में अराजकता फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और उनकी कुत्सित तथा संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि यह प्रतिमा अभाविप के ही पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रहे विशाल जोशी के कार्यकाल में स्थापित करवाई गई थी और वर्षों से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का केंद्र रही है। अभाविप ने पूर्व में भी महाविद्यालय प्रशासन को प्रतिमा की जर्जर स्थिति से अवगत कराते हुए उसके जीर्णोद्धार एवं संरक्षण की मांग की थी। घटना के तुरंत बाद अभाविप के कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय की प्राचार्य से भेंट कर क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र नई एवं भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा भी अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिमा पूर्व से ही अत्यंत जर्जर अवस्था में थी, जिसके कारण यह घटना हुई। अभाविप का स्पष्ट मत है कि विद्यार्थियों की आस्था एवं प्रेरणा के इस केंद्र को यथाशीघ्र उसके अनुरूप गरिमा के साथ पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए। इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अभाविप सभी मीडिया संस्थानों से विनम्र आग्रह करती है कि कुत्सित मानसिकता से प्रेरित तथ्यहीन एवं भ्रामक सूचनाओं से बचते हुए इस विषय पर महाविद्यालय प्रशासन के आधिकारिक पक्ष तथा घटना के समय उपस्थित विद्यार्थियों के तथ्यात्मक विवरण का समुचित संज्ञान लें, जिससे कि ऐसे संवेदनशील विषय पर पूर्ण जानकारी, निष्पक्ष व तथ्यपरक समाचार समाज तक पहुंच सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, चितौड़ प्रांत के प्रांत मंत्री जितेन्द्र लोधा ने कहा कि, “कांग्रेस पोषित छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा असत्य, भ्रामक एवं तथ्यहीन आरोपों के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। महाविद्यालय प्रशासन स्वयं अपने आधिकारिक वक्तव्य में स्पष्ट कर चुका है कि प्रतिमा पूर्व से ही अत्यंत जर्जर अवस्था में थी। इसके बावजूद सत्य को छिपाकर अभाविप एवं उसके कार्यकर्ताओं की छवि धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। आज कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में बाहरी तत्वों द्वारा महाविद्यालय परिसर में अराजकता का वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया गया। शिक्षण संस्थानों की शैक्षणिक गरिमा एवं शांतिपूर्ण वातावरण को इस प्रकार प्रभावित करना लोकतांत्रिक मूल्यों तथा छात्रहितों के सर्वथा विपरीत है। अभाविप ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत संबंधित सक्षम अधिकारियों से करते हुए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। जो लोग महाविद्यालय परिसर की शांति, सौहार्द एवं शैक्षणिक वातावरण को दूषित करने का प्रयास कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कानून के अनुरूप सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। अभाविप स्पष्ट करती है कि स्वामी विवेकानंद जी के सम्मान, विद्यार्थी हितों एवं परिसर की गरिमा से जुड़े किसी भी विषय पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र नई एवं भव्य प्रतिमा की स्थापना तथा परिसर में अराजकता फैलाने वाले दोषी तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई होने तक अभाविप इस विषय को पूरी दृढ़ता एवं प्रतिबद्धता के साथ उठाती रहेगी।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, कोटा महानगर की महानगर मंत्री दीप्ति मेवाड़ा ने कहा कि, “आज महाविद्यालय परिसर में कांग्रेस पोषित छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा बाहरी तत्वों को बुलाकर शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज एवं धक्का-मुक्की की गई, जिसमें एक विद्यार्थी घायल भी हुआ। यह घटना अत्यंत निंदनीय है और परिसर की शैक्षणिक गरिमा के प्रतिकूल है। एनएसयूआई इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग देकर विद्यार्थियों को भ्रमित करने का असफल प्रयास कर रही है। यदि एनएसयूआई ने देश के किसी भी शिक्षण संस्थान में किसी महापुरुष के सम्मान एवं उनके विचारों के संरक्षण हेतु कोई सकारात्मक पहल की हो, तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। अभाविप ने सदैव महापुरुषों के आदर्शों के संरक्षण, राष्ट्र पुनर्निर्माण एवं छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। अभाविप महाविद्यालय प्रशासन से पुनः मांग करती है कि क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर यथाशीघ्र नई एवं भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए, जिससे विद्यार्थियों की आस्था एवं प्रेरणा का यह केंद्र पुनः गरिमापूर्ण स्वरूप में स्थापित हो सके।”
