पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा अनियमितता पर अभाविप ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पंजाब, फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में सामने आई संगठित नकल एवं परीक्षा संबंधी गंभीर अनियमितताओं की निंदा करती है। अभाविप ने कहा है कि पंजाब को देश का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मॉडल बनाने के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार आज युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली देने में विफल साबित हुई है। यदि भर्ती परीक्षाओं में संगठित तरीके से धांधली संभव हो रही है, तो यह केवल कुछ व्यक्तियों का अपराध नहीं, बल्कि सरकार की प्रशासनिक विफलता और उसकी जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। प्रदेश का युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम कर सरकारी नौकरियों की तैयारी करता है, किंतु बार-बार भर्ती एवं परीक्षा प्रक्रियाओं पर उठ रहे सवाल उसके विश्वास को कमजोर कर रहे हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रबंध कैसे ध्वस्त हुए और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
यह अत्यंत चिंताजनक है कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से परीक्षा की पवित्रता को भंग करने का प्रयास किया गया। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में विभिन्न परीक्षाओं एवं भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठे विवादों ने युवाओं के विश्वास को पहले ही आघात पहुंचाया है। ऐसे में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में सामने आया यह प्रकरण लाखों मेहनतकश अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। यदि भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगते रहेंगे, तो इसका सीधा दुष्प्रभाव राज्य की शिक्षा एवं रोजगार व्यवस्था पर पड़ेगा। अभाविप मांग करती है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों तथा उनके सहयोगियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यदि जांच में परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की पुष्टि होती है, तो अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाएं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया जाए।
अभाविप पंजाब प्रदेश मंत्री जसकरण सिंह भुल्लर ने कहा कि पंजाब का युवा सरकार से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की अपेक्षा रखता है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मेहनतकश एवं ईमानदार अभ्यर्थियों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। पंजाब सरकार को इस पूरे प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी तथा भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बहाल करना होगा। यदि सरकार समय रहते इस मामले में प्रभावी एवं निष्पक्ष कदम उठाने में विफल रहती है, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पंजाब के युवाओं के हितों की रक्षा के लिए आने वाले दिनों में प्रदेशभर में व्यापक छात्र आंदोलन एवं बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।
