रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरुद्ध मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभाविप ने आरोप लगाया है कि छात्र हितों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया और फिर उन्हें हिरासत में ले लिया।
जानकारी हो कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और शुचिता की मांग को लेकर पिछले 18 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनशन और विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में सोमवार को आंदोलित छात्रों ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया था, जिसमें राज्य के सभी 24 जिलों से लाखों की संख्या में छात्र रांची पहुंचे थे। सोमवार को हुए इस घेराव के दौरान भी प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था तथा आंसू गैस भी छोड़े गए थे। लाठीचार्ज में सैंकड़ों छात्रों के घायल होने की खबर आ रही है।
लाठीचार्ज के विरोध में निकाला मार्च
सोमवार को छात्रों पर हुए बल प्रयोग के विरोध में मंगलवार को अभाविप के नेतृत्व में तिनकोनिया पुराना विधानसभा ग्राउंड से एक विरोध मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभाविप राष्ट्रीय महामंत्री डा. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय मंत्री अभय सिंह, प्रांत मंत्री प्रकाश टुटी समेत 200बसे अधिक छात्रों एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
दबाई नहीं जा सकती छात्रों की आवाज
कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अभाविप ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने कहा, “क्या छात्रों के हक में न्यायसंगत सवाल उठाना कोई अपराध है? क्या परीक्षा व्यवस्था में शुचिता और पारदर्शिता की मांग करना गुनाह है? सरकार लाठियों और गिरफ्तारियों के दम पर छात्रों की आवाज़ को दबाना चाहती है, लेकिन वे इसमें कभी सफल नहीं होंगे। कार्यकर्ताओं को जेल में डाला जा सकता है, परंतु युवाओं के इस हक की लड़ाई को रोका नहीं जा सकता।” इस घटना के बाद से छात्रों और छात्र संगठनों में आक्रोश और गहरा गया है।
