नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। अभाविप की ओर से सात संभावित प्रत्याशियों आलोक अत्री, इशू मौर्य, लक्ष्य राज सिंह, नितिन तंवर, रिया छावड़ी, तान्या मावी और यश डबास ने नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन पत्रों की जांच के बाद इन्हीं में से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए अंतिम प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अभाविप ने विश्वविद्यालय परिसर में जनसंपर्क अभियान को भी गति दे दी है। अभाविप के कार्यकर्ता पीजी-टू-पीजी और क्लास-टू-क्लास पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को दर्ज किया जा रहा है, ताकि इन्हें आगामी चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया जा सके।
सत्य निकेतन की घटना के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षित आवास व्यवस्था को अभाविप ने प्रमुख मुद्दा बनाया है। संगठन के ‘आखिर कब तक?’ अभियान के तहत पीजी सर्वेक्षण चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थी-बहुल इलाकों में आवासीय सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
अभाविप की मांग है कि विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और सुलभ छात्रावास उपलब्ध कराए जाएं। नए छात्रावासों का निर्माण तेज करने के साथ विद्यार्थी-बहुल क्षेत्रों में संचालित पीजी और किराये के भवनों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
काम के आधार पर मांग रही समर्थन
अभाविप अपने प्रचार अभियान में पिछले वर्षों में डूसू के माध्यम से किए गए कार्यों को भी विद्यार्थियों के बीच पहुंचा रही है। संगठन के अनुसार, 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, स्टूडेंट फैसिलिटी सेंटर, डूसू इंटर्नशिप, पीजी सीटों में वृद्धि, मूल्यांकन शुल्क में कमी, ‘मदारी’, ‘कैंपस कलाकार’ और पिंक बूथ जैसी पहल, यू-बस सेवा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। अभाविप कार्यकर्ता प्रत्येक महाविद्यालय, पीजी और कक्षा तक पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि चुनावी अभियान केवल प्रचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों से मिले सुझावों और अपेक्षाओं को आगामी घोषणापत्र का आधार बनाया जाएगा।
‘365 दिन विद्यार्थियों के बीच रहते हैं अभाविप कार्यकर्ता’
अभाविप दिल्ली के मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि डूसू चुनाव को लेकर कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा के साथ विद्यार्थियों के बीच हैं। नामांकन के बाद जनसंवाद अभियान को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभाविप केवल चुनाव के समय विद्यार्थियों के बीच जाने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि वर्षभर छात्रों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम करती है।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में भी विद्यार्थियों की आवाज को केंद्र में रखा जाएगा। विद्यार्थियों से मिल रहे सुझावों के आधार पर आगामी प्राथमिकताएं तय होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थी काम और जवाबदेही की राजनीति को समर्थन देंगे।
