नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। हरि मंदिर स्थित अभाविप कार्यकर्ताओं के निवास पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने का आरोप है। बताया गया कि जिस समय यह घटना हुई, वहां अभाविप कार्यकर्ताओं के साथ छात्रा कार्यकर्ता भी मौजूद थीं। अभाविप के अनुसार, कार्यकर्ता शांतिपूर्वक बैठक कर रहे थे और किसी प्रकार का कोई उकसावा नहीं दिया गया था। इसी दौरान बाहर से आए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बैठक पर हमला कर दिया। अभाविप के मुताबिक, हमले के बाद मौके पर मौजूद अन्य लोग वहां से भाग गए, जबकि एक व्यक्ति को अभाविप कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। अभाविप का दावा है कि पकड़े गए व्यक्ति ने स्वयं को एनएसयूआई का सोशल मीडिया कैडर बताया है।
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा, “एनएसयूआई को जवाब देना चाहिए कि उसके कार्यकर्ता अभाविप कार्यकर्ताओं के निवास तक क्यों पहुंचे और वहां छात्रा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बावजूद हमला क्यों किया गया? हमने किसी को उकसाया नहीं था। हम शांतिपूर्वक अपनी बैठक कर रहे थे और एनएसयूआई कार्यकर्ता बाहर से आकर हमला करने पहुंचे।” उन्होंने कहा कि हमले के बाद भाग रहे एक व्यक्ति को पकड़कर अभाविप कार्यकर्ताओं ने पुलिस के हवाले किया। “अभाविप ने कानून अपने हाथ में नहीं लिया, बल्कि पकड़े गए व्यक्ति को पुलिस को सौंपा। पकड़े गए व्यक्ति ने स्वीकार किया है कि वह एनएसयूआई का सोशल मीडिया कैडर है। अब कांग्रेस-IYC-एनएसयूआई को यह स्पष्ट करना होगा कि उसका सोशल मीडिया कैडर अभाविप कार्यकर्ताओं के निवास पर हमला करने क्यों पहुंचा,” शर्मा ने कहा।
सार्थक शर्मा ने आगे कहा कि विद्यार्थियों के बीच संवाद और समर्थन के लिए कार्यकर्ता नहीं मिलने पर कांग्रेस-IYC-एनएसयूआई की राजनीतिक मशीनरी को छात्र राजनीति में उतारना और उसके बाद हिंसा का सहारा लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एक ओर अभाविप कार्यकर्ताओं को विद्यार्थियों के बीच लोकतांत्रिक तरीके से संवाद करते देख रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस-IYC-एनएसयूआई से जुड़े लोगों के अभाविप कार्यकर्ताओं के निवास तक पहुंचकर हमला करने का आरोप सामने आया है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से भी उसकी युवा और छात्र इकाइयों की गतिविधियों को लेकर राजनीतिक जवाबदेही स्पष्ट करने की मांग की। अभाविप प्रदेश मंत्री ने कहा, “अभाविप किसी भी हिंसक दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर हमले में शामिल सभी लोगों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई करे और दिल्ली विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।” अभाविप ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि स्थानीय पुलिस से की जा सकती है।
