पटना : शनिवार को पटना विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन वर्षीय एलएलबी प्रवेश परीक्षा 2026 पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। परीक्षा शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे बाद अचानक प्रश्न पत्र वायरल होने की खबर सामने आई, जिससे परीक्षा केंद्रों पर अफरा-तफरी मच गई। सुबह 10.30 बजे से शुरू हुई यह परीक्षा जब अपने मध्य चरण में थी, तभी करीब 12 बजे सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र के वायरल होने की सूचना फैल गई। इस खबर के बाद छात्र-छात्राओं के बीच असमंजस स्थिति बन गई और परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रश्नपत्र लीक होने संबंधी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अभाविप ने कहा है कि यदि इस प्रकार की खबरों में कोई सत्यता है, तो यह अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील विषय है, जिसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होना आवश्यक है।
अभाविप सदैव से स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की पक्षधर रही है। किसी भी प्रवेश या प्रतियोगी परीक्षा की विश्वसनीयता लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और मेहनत से जुड़ी होती है। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक जैसी खबरें विद्यार्थियों के मन में असमंजस, अविश्वास और निराशा का वातावरण उत्पन्न करती हैं। साथ ही, इससे पटना विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान की साख एवं विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
परिषद ने पटना विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों की सत्यता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच में सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं को शामिल किया जाए। यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
विद्यार्थी परिषद का मानना है कि इस विषय में विश्वविद्यालय प्रशासन को शीघ्र आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों के बीच फैल रही आशंकाओं और भ्रम का निवारण हो सके। समय पर तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करना विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच करे और उसकी रिपोर्ट को सार्वजनिक करे ताकि संशय और भ्रम की स्थित न बने। अभाविप विद्यार्थियों के हितों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली की पवित्रता तथा शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर छात्रहित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से अपनी आवाज़ बुलंद करती रहेगी।
