मंगलुरु : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने बड़ी जीत दर्ज की है। पंजाब विश्वविद्यालय के बाद अब मंगलुरु विश्वविद्यालय कॉलेज, हम्पनकट्टा के छात्रसंघ चुनाव में अभाविप समर्थित उम्मीदवारों ने सभी छह पदों पर जीत का परचम लहराया है। लगातार दूसरी बड़ी जीत से अभाविप कार्यकर्ताओं में उत्साह है। अभाविप का कहना है कि दो प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ चुनावों में लगातार मिली सफलता छात्रों के बीच अभाविप के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। संगठन ने इसे युवाओं और विशेषकर जेन-जी के बीच अपनी स्वीकार्यता से भी जोड़कर देखा है।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अभाविप कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने परिसर में विजय जुलूस निकालकर छात्रों का आभार जताया। विजयी प्रत्याशियों ने कहा कि चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक हथकंडों और दबावों के बावजूद छात्रों ने अभाविप समर्थित उम्मीदवारों पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम छात्रहित के मुद्दों पर संगठन के वर्षभर सक्रिय रहने और छात्रों के बीच निरंतर काम करने का परिणाम है। जानकारी हो कि कर्नाटक सरकार ने हाल ही में राज्य के कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने का निर्णय लिया था। इसके बाद मंगलुरु विश्वविद्यालय कॉलेज, हम्पनकट्टा में हुए चुनाव में अभाविप समर्थित उम्मीदवारों ने सभी छह पदों पर जीत दर्ज की।
पंजाब विश्वविद्यालय के बाद मंगलुरु में मिली लगातार दूसरी महत्वपूर्ण जीत को डूसू चुनाव से पहले अभाविप के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है। संगठन ने छात्रों का आभार जताते हुए कहा कि छात्रहित के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है तथा अभाविप छात्रों के विश्वास पर खरा उतरने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी। अभाविप ने दावा किया कि चुनाव परिणामों ने कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई समेत अन्य छात्र संगठनों को स्पष्ट संदेश दिया है कि छात्र केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाले संगठनों के बजाय वर्षभर उनके बीच काम करने वाली छात्र शक्ति को प्राथमिकता दे रहे हैं।
